मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस के एसी कोच में सफर कर रही मां-बेटी के साथ लाखों-करोड़ों की चोरी का मामला सामने आया है। दोनों महिलाएं नागपुर से बीकानेर जिले के नोखा लौट रही थीं। घर पहुंचने के बाद जब सामान खोला गया तो बैग से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब मिली।
परिवार के मुताबिक, चोरी हुए सामान में करीब 65 से 70 तोला सोने के आभूषण, करीब आधा किलो चांदी के जेवर और 7 से 8 लाख रुपए नकद शामिल हैं। आभूषणों की कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है।
बी-1 कोच में थीं सीटें
रिपोर्ट के मुताबिक, मांगीदेवी और उनकी बेटी डिंपल राजपुरोहित 11 सितंबर को नागपुर से नोखा आने के लिए ट्रेन में सवार हुई थीं। दोनों की सीट बी-1 कोच में 25 और 28 नंबर थी।
उनके पास दो ट्रॉली बैग समेत तीन-चार अन्य बैग थे। परिवार का कहना है कि सामान को सीट के नीचे रखा गया था।
12 सितंबर को ट्रेन नोखा पहुंची। परिजन दोनों को स्टेशन से लेकर गांव पहुंचे। घर पहुंचने के बाद जब मांगीदेवी ने ट्रॉली बैग खोला तो उसमें रखे जेवर और नकदी गायब मिले।
सगाई समारोह से लौट रही थीं
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिवार नागपुर में एक सगाई समारोह में शामिल होने गया था। समारोह के बाद मां-बेटी वापस अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान उनके सामान से जेवर और नकदी गायब होने की बात सामने आई।
घर पहुंचने पर चोरी का पता चलने के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद बीकानेर जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई गई।
चलती ट्रेन में हुई या किसी स्टेशन पर? जांच जारी
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि चोरी आखिर कब और कहां हुई।
परिवार को घर पहुंचने के बाद चोरी का पता चला, इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वारदात ट्रेन के सफर के दौरान किस जगह हुई या किसी स्टेशन पर सामान के साथ छेड़छाड़ की गई।
बीकानेर जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस और आरपीएफ की टीमें रेलवे रूट के अलग-अलग स्टेशनों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।



