65 वार्डों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी
पाली: राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों ने भारतीय जनता पार्टी को उसके प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह जिले पाली में बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। पाली नगर निगम के 65 वार्डों में कांग्रेस ने 29 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की, जबकि BJP 21 वार्डों तक सीमित रही। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 15 सीटों पर जीत हासिल की।
पाली को लंबे समय से BJP के मजबूत राजनीतिक क्षेत्रों में गिना जाता रहा है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह क्षेत्र में पार्टी का अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। खास बात यह रही कि राठौड़ के अपने वार्ड में भी BJP प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा।
गुटबाजी और बागियों ने बिगाड़ा समीकरण
चुनाव परिणाम के बाद BJP के अंदर संगठनात्मक स्तर पर गुटबाजी और बागी उम्मीदवारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर टिकट वितरण और उम्मीदवारों को लेकर बनी नाराजगी का असर चुनावी मैदान में दिखाई देने की बात सामने आ रही है।
कई जगह पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के सामने बागी या निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से वोटों का बंटवारा हुआ। इससे BJP के कई वार्डों में चुनावी समीकरण प्रभावित हुए और कांग्रेस को इसका फायदा मिलने की स्थिति बनी।
कांग्रेस ने आखिरी समय में किया डैमेज कंट्रोल
दूसरी ओर कांग्रेस ने चुनाव के अंतिम दौर में अपने संगठन और स्थानीय नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश की। पार्टी ने नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लाने पर जोर दिया, जिसका फायदा परिणामों में दिखाई दिया।
पाली में कांग्रेस 29 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है। हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी 33 सीटों से कांग्रेस चार सीट दूर है। ऐसे में अब निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
BJP के लिए क्यों अहम है पाली का परिणाम?
पाली में मिली हार केवल स्थानीय निकाय चुनाव का परिणाम नहीं है, बल्कि इसे राजस्थान BJP संगठन के लिए भी एक राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर तब, जब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का गृह जिला होने के कारण यहां BJP से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी।
हालांकि पूरे राजस्थान के निकाय चुनाव परिणामों में BJP ने कांग्रेस से ज्यादा वार्डों पर जीत दर्ज की है, लेकिन कई बड़े नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्रों में पार्टी को झटके मिले हैं। पाली में कांग्रेस की बढ़त इसी व्यापक चुनावी तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।



