श्री श्री कृष्णा गौशाला सेवा संस्थान, लुणावास में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम, सत्संग एवं कथा का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे दिन गौशाला परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। भजनों, सत्संग और धार्मिक गतिविधियों से वातावरण गुंजायमान हो उठा तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
सोमवती अमावस्या के अवसर पर गौसेवकों और श्रद्धालुओं का दिनभर गौशाला में आवागमन बना रहा। श्रद्धालुओं ने गौमाताओं को हरा चारा, गुड़, लापसी एवं अन्य खाद्य सामग्री खिलाकर गौसेवा की। श्रद्धा और आस्था के इस विशेष अवसर पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज़ क्षेत्रों में रहने वाले गौभक्तों ने भी ऑनलाइन माध्यमों जैसे यूपीआई और फोन-पे के जरिए सहयोग राशि भेजकर गौसेवा में अपनी सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान राधे-कृष्ण मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया गया। सायंकाल रघुनाथराम द्वारा धार्मिक कथा का वाचन किया गया, जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के माध्यम से गौसेवा, धर्म और मानव कल्याण का संदेश दिया गया।
गौशाला संस्थान के अध्यक्ष रघुनाथराम तांडी, संरक्षक देवीसिंह राजपुरोहित, आसूसिंह राजपुरोहित तथा कोषाध्यक्ष गुणेशराम गोदारा सहित संस्थान के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौसेवा के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण और गौसेवा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें योगदान देना चाहिए।
इस अवसर पर जोरसिंह राजपुरोहित, गोपाराम कंदोलिया, भभूतराम कड़वासरा, खीमसिंह राठौड़, बिरसिंह राजपुरोहित, संतोष, कमलेश दवे, पांचाराम, रतनाराम, गोपाराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष एवं गौभक्त उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में गौमाताओं को विशेष रूप से तैयार की गई लापसी खिलाई गई तथा सभी ने गौमाता के संरक्षण और सेवा का संकल्प लिया।




