LPG Gas New Rule: निष्क्रिय कनेक्शन पर सरकार सख्त, हजारों उपभोक्ताओं पर असर
देशभर में रसोई गैस की बढ़ती मांग और आपूर्ति में असंतुलन के बीच सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब ऐसे गैस कनेक्शन, जिनका लंबे समय से उपयोग नहीं हो रहा, उन्हें डि-एक्टिव किया जा रहा है। इस फैसले का सीधा असर हजारों उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में।
झालावाड़ जिले में स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रही है, जहां करीब 20 हजार गैस कनेक्शन निष्क्रिय पाए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की है, जिन्होंने कनेक्शन तो लिया, लेकिन लंबे समय तक सिलेंडर नहीं भरवाया।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का मानना है कि निष्क्रिय कनेक्शनों के कारण वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही। कई उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने 9 महीने या उससे अधिक समय से सिलेंडर नहीं लिया। ऐसे मामलों में अब कनेक्शन को अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है।
गैस एजेंसियों पर बढ़ी भीड़
इस फैसले के बाद गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। उपभोक्ता अपने कनेक्शन को सक्रिय बनाए रखने के लिए लगातार एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं, बुकिंग और सप्लाई में देरी से परेशानी और बढ़ गई है।
कमर्शियल सिलेंडर का भी संकट
सिर्फ घरेलू ही नहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी ने भी व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मिठाई और नमकीन बनाने वाले दुकानदार अब फिर से डीजल भट्टियों का सहारा लेने लगे हैं, जिससे लागत और प्रदूषण दोनों बढ़ रहे हैं।
प्रशासन की सख्ती जारी
रसद विभाग ने घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में कई जगहों पर छापेमारी कर दर्जनों सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गैस की आपूर्ति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन नियमों का पालन सख्ती से कराया जाएगा।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
समय-समय पर सिलेंडर बुकिंग कराते रहें
निष्क्रिय कनेक्शन को सक्रिय कराने के लिए एजेंसी से संपर्क करें
गैस का व्यावसायिक उपयोग न करें




