लेबनान युद्धविराम के बिना US-Iran शांति वार्ता नहीं, मोजतबा खामेनेई ने रखी बड़ी शर्त
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई पूरी तरह बंद नहीं होती, तब तक दोनों देशों के बीच किसी भी बड़े समझौते या शांति प्रक्रिया की उम्मीद नहीं की जा सकती।
मोजतबा खामेनेई का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ा हुआ है और कई देश क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। ईरान ने लेबनान और हिज्बुल्लाह के मुद्दे को अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से जोड़ दिया है।
इजरायल की कार्रवाई रोकने की मांग
ईरानी नेतृत्व का कहना है कि लेबनान में सैन्य अभियान और तनाव की स्थिति खत्म किए बिना क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना संभव नहीं है। मोजतबा खामेनेई ने इजरायल से लेबनान में कार्रवाई पूरी तरह और बिना शर्त रोकने की मांग की है।
उनके इस बयान को अमेरिका-ईरान संबंधों में एक नई शर्त के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, लेबनान और हिज्बुल्लाह का मुद्दा पहले से ही क्षेत्रीय राजनीति का सबसे संवेदनशील विषय बना हुआ है।
हिज्बुल्लाह को मिला खुला समर्थन
मोजतबा खामेनेई ने अपने बयान में हिज्बुल्लाह के प्रति समर्थन भी जताया। ईरान लंबे समय से हिज्बुल्लाह को क्षेत्रीय सहयोगी समूह के रूप में देखता रहा है। इस समर्थन को लेकर इजरायल और पश्चिमी देशों की चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।
हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष ने लेबनान की स्थिति को और जटिल बना दिया है। क्षेत्रीय शक्तियां अब इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
अमेरिका-ईरान रिश्तों पर असर
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर तनाव रहा है। किसी भी शांति समझौते के लिए दोनों देशों को कई बड़े मुद्दों पर सहमति बनानी होगी।
मोजतबा खामेनेई की नई मांग से संकेत मिलता है कि ईरान बातचीत के लिए क्षेत्रीय मुद्दों को भी महत्वपूर्ण मान रहा है। इससे भविष्य की वार्ताओं में लेबनान संकट एक प्रमुख विषय बन सकता है।




