लटिया नाले के सुधार एवं डायवर्जन कार्य हेतु जल संसाधन विभाग का पुनः निरीक्षण किया गया। शहर में जलभराव की समस्या कम करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर मंथन किया गया तथा एसडीएमएफ स्वीकृत कार्यों का तकनीकी आकलन किया गया।
अधिशासी अभियंता, जल संसाधन खंड सवाई माधोपुर अरुण शर्मा की अध्यक्षता में विभागीय टीम ने गुरुवार को आगामी वर्षा ऋतु में शहर क्षेत्र में जलभराव की समस्या को कम करने के लिए प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने हेतु लटिया नाले का पुनः स्थलीय निरीक्षण कर प्रस्तावित कार्यों की प्रगति एवं तकनीकी पहलुओं का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान राजबाग एनीकट से अपस्ट्रीम क्षेत्र में नाले के डायवर्जन की संभावनाओं का अवलोकन किया गया, जिससे शहर की ओर आने वाले पानी की मात्रा एवं प्रभाव को कम किया जा सके। साथ ही नाले की स्ट्रेंथनिंग, जल प्रवाह को नियंत्रित करने एवं पानी की आवक को विलंबित करने के लिए विभिन्न तकनीकी विकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया।
टीम ने वन विभाग की आम चौकी से आगे तक क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए संभावित एनीकट निर्माण स्थलों का भी चिन्हांकन किया, जिससे लटिया नाले में जल प्रवाह को नियंत्रित किया जा सके। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों द्वारा तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा कर उपयुक्त कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए।
एसडीएमएफ (State Disaster Mitigation Fund) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों का भी पुनः स्थल पर तकनीकी आकलन किया गया, ताकि प्रस्तावित कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। विभाग ने स्पष्ट किया कि लटिया नाले से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाते हुए शहर को संभावित जलभराव से राहत प्रदान करने हेतु ठोस एवं दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
इस अवसर पर सहायक अभियंता धीरज एवं जितेंद्र, कनिष्ठ अभियंता मनोज, अजय, रोहित, अमन सहित विभागीय कार्मिक तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




