कुड़ी में कुत्तों के झुंड ने नीलगाय के बच्चे पर किया हमला
बालोतरा के कुड़ी गांव में एक नीलगाय के बच्चे को कुत्तों के झुंड से सुरक्षित बचाया गया। कुत्तों के हमले में नीलगाय का बच्चा घायल हो गया था। उसके पिछले पैर में गंभीर चोट लगी थी और खून बह रहा था। घायल हालत में मिलने के बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गौ सेवकों को दी।
सूचना मिलते ही गौ सेवक संजय पालीवाल सहित उनकी टीम मौके पर पहुंची और नीलगाय के बच्चे को कुत्तों से सुरक्षित बाहर निकाला।
पिछले पैर में लगी थी चोट
बचाव के समय नीलगाय का बच्चा घायल अवस्था में था। उसके पिछले पैर में चोट लगी होने के कारण खून बह रहा था। टीम ने बिना देरी किए उसके उपचार की व्यवस्था की।
गौ सेवकों ने मेडिकल से आवश्यक दवाई मंगवाई और घायल स्थान पर प्राथमिक उपचार किया। उपचार के बाद नीलगाय के बच्चे को राहत मिली। टीम के सदस्यों ने कुछ समय तक उसकी निगरानी भी की, ताकि उसे दोबारा किसी तरह का खतरा न हो।
वन विभाग को किया गया सुपुर्द
प्राथमिक उपचार के बाद घायल नीलगाय के बच्चे को वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया। अब वन विभाग की ओर से उसके आगे के उपचार और देखभाल की जाएगी।
उद्देश्य है कि नीलगाय का बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो सके और इसके बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जा सके।
गौ सेवकों ने समय पर पहुंचकर बचाई जान
इस बचाव कार्य में गौ सेवक संजय पालीवाल के साथ देवराज कालमा, भीमाराम देवासी, प्रदीप पालीवाल और बालूराम जी सिंवर सहित टीम के अन्य सदस्यों ने सहयोग किया।
टीम ने समय पर मौके पर पहुंचकर घायल वन्यजीव को सुरक्षित किया और उसके उपचार की व्यवस्था की। ग्रामीणों ने भी टीम के इस प्रयास की सराहना की।



