कोटड़ी में विकास और नवाचार के दौर को मिली नई पहचान
पंचायत समिति कोटड़ी में विकास अधिकारी रामबिलास मीणा के कार्यकाल को क्षेत्र में विकास, नवाचार और जनहित के कार्यों के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके स्थानांतरण की खबर सामने आने के बाद पंचायत समिति परिवार के साथ-साथ ग्रामीणों में भी भावुक माहौल देखने को मिला।
पंचायत समिति परिसर में आयोजित विदाई समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने रामबिलास मीणा को भावभीनी विदाई दी। इस दौरान कई कर्मचारियों की आंखें नम हो गईं और सभी ने उनके सरल स्वभाव, नेतृत्व क्षमता और विकास कार्यों के प्रति समर्पण की सराहना की।
रामबिलास मीणा के नेतृत्व में पंचायत समिति कोटड़ी में कई नवाचार शुरू किए गए, जिनकी पूरे क्षेत्र में चर्चा रही। इनमें सबसे चर्चित पहल “प्लास्टिक लाओ – शक्कर ले जाओ” अभियान रही, जिसके तहत ग्रामीणों से प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर उसके बदले शक्कर दी जाती थी। इस अभियान से पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी और प्लास्टिक कचरे को कम करने में मदद मिली।
इसके अलावा प्लास्टिक मुक्त कोटड़ी अभियान के तहत बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए गए। वहीं “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पंचायतों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण भी कराया गया।
संवेदनशील और जनहित में कार्य करने वाले अधिकारी
पंचायत समिति के प्रधान करण सिंह कानावत ने कहा कि रामबिलास मीणा के नेतृत्व में पंचायत समिति में विकास कार्यों को नई गति मिली और प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ।
वहीं उपप्रधान कैलाश सुथार ने कहा कि उनकी कार्यशैली अनुशासित और प्रेरणादायक रही तथा उन्होंने पंचायत समिति में नवाचारों की नई परंपरा स्थापित की।
ग्रामीणों ने जताई भावनाएं
जब पंचायत समिति क्षेत्र के ग्रामीणों और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को उनके स्थानांतरण की जानकारी मिली तो कई लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों और विशेष रूप से बुजुर्गों ने कहा कि




