राष्ट्रीय राजमार्ग से 75 मीटर दायरे में बने निर्माण हटाने संबंधी आदेश के विरोध में कोटपूतली में व्यापारियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बड़ा प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकालते हुए अपने आक्रोश का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान “काला कानून वापस लो” जैसे नारे गूंजते रहे और माहौल पूरी तरह विरोधमय नजर आया।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एहतियातन कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार बंद कर दिए और प्रदर्शनकारियों को बाहर ही रोक दिया। बाद में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाने की अनुमति दी गई, जिसने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी मांगें विस्तार से रखीं। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपते हुए राजमार्ग से जुड़े आदेश पर पुनर्विचार की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर मुख्य पीठ द्वारा डीबी सिविल रिट याचिका संख्या 24826/2025 (हिम्मत सिंह गहलोत बनाम राज्य सरकार) में दिए गए आदेश के बाद कोटपूतली सहित आसपास के क्षेत्रों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आदेश के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग के केंद्र बिंदु से 75 मीटर की परिधि में आने वाले निर्माणों को हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है, जिससे बड़ी संख्या में व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियां प्रभावित होंगी।
व्यापारियों ने कहा कि राजमार्ग के दोनों ओर स्थित कई दुकानें, प्रतिष्ठान और मकान लोगों की जीवनभर की कमाई से बने हैं। बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी, किरायेदार और दुकानदार वर्षों से इन परिसरों में व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। बिना स्पष्ट कार्ययोजना और उचित मुआवजे के यदि कार्रवाई की जाती है तो हजारों परिवारों के सामने रोजगार और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने सरकार से नियमों में संशोधन कर आमजन को राहत देने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान अशोक बंसल, प्रभा अग्रवाल और रामनिवास यादव सहित कई व्यापारिक प्रतिनिधियों ने अपनी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की।




