टोंक में अखिल भारतीय कोली समाज ने कोटा के जेके लोन चिकित्सालय में प्रसूताओं की मौत के मामले को लेकर विरोध जताते हुए निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई है। समाज ने मृतक परिवारों को 50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
सोमवार को अखिल भारतीय कोली समाज टोंक ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि बूंदी जिले के ग्राम सुवावता निवासी प्रिया महावर और कोटा निवासी पिंकी महावर को प्रसव ऑपरेशन के लिए जेके लोन चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था।
समाज के अनुसार अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ द्वारा इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे दोनों प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई और 9 मई 2026 तथा 10 मई 2026 को उनकी मौत हो गई। इस घटना से दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं।
अखिल भारतीय कोली समाज ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्च स्तरीय चिकित्सा बोर्ड का गठन किया जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
समाज ने नवजात शिशुओं की उचित परवरिश की व्यवस्था करने और चिकित्सकीय लापरवाही की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने की भी मांग रखी।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष लेखराज महावर, राजू लाल, हेमंत कुमार, मोतीलाल, महावीर, पंकज महावर और बुद्धि सहित कई समाजजन मौजूद रहे।
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