कोलकाता होटल अग्निकांड में 14 मौतें, 60 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
कोलकाता | मध्य कोलकाता के फ्री स्कूल स्ट्रीट स्थित एक होटल में मंगलवार देर रात लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को दहला दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि होटल में सो रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। राहत और बचावकर्मियों ने घटनास्थल से अब तक 14 शव बरामद किए हैं, जबकि अग्निशमनकर्मियों ने होटल में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। संकरी गली और तंग रास्तों के कारण दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
होटल की तीसरी मंजिल से शुरू हुई आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग रात करीब दो बजे होटल की तीसरी मंजिल पर लगी। देखते ही देखते आग और धुआं होटल के अन्य हिस्सों में फैल गया। होटल में मौजूद लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती जहरीले धुएं से बचना थी।
दमकल और राहत-बचाव दल ने अभियान चलाकर 60 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कई लोगों को धुएं के कारण परेशानी हुई और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
14 शव बरामद, जांच के लिए विशेष टीम गठित
राहत-बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल से अब तक 14 शव बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके से साक्ष्य जुटा रही है। आग लगने के वास्तविक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। टीम आग लगने की वजह, होटल में अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास और सुरक्षा मानकों समेत कई पहलुओं की जांच करेगी।
आग लगने की वजह अभी साफ नहीं
शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही आग के वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि होटल में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
इस हादसे ने एक बार फिर होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुकांत मजूमदार ने जताई चिंता
केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने हादसे पर चिंता जताते हुए राज्य प्रशासन से प्रभावित लोगों को तत्काल बचाने की अपील की। उन्होंने घायलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
मजूमदार ने भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी निगरानी और मौजूदा सिस्टम में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।



