खाद की किल्लत, बीज वितरण में अनियमितता, बिजली आपूर्ति की समस्या तथा कृषि कार्यों में आ रही अन्य परेशानियों को लेकर किसान नेता रामलखन मीणा झाडवा की अध्यक्षता में कृषि उपज मंडी परिसर में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने का निर्णय लिया।
बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि खाद और बीज वितरण में कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आ रही हैं। किसानों ने मांग की कि खाद और बीज के साथ अनावश्यक सामग्री जोड़कर बिक्री करने की प्रथा पर तुरंत रोक लगाई जाए तथा कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
महापंचायत में बिजली आपूर्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने मांग की कि कृषि कार्यों के लिए प्रतिदिन कम से कम 6 घंटे थ्री-फेज बिजली उपलब्ध कराई जाए, ताकि सिंचाई और अन्य कृषि कार्य सुचारू रूप से किए जा सकें। इसके अलावा डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर भी किसानों ने चिंता व्यक्त की। किसानों का कहना था कि बढ़ते कृषि कार्यों को देखते हुए पेट्रोल पंपों पर डीजल को केन और ड्रम में भरने की अनुमति दी जानी चाहिए।
बैठक के बाद किसान रैली के रूप में उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार बृजेश कुमार सिहरा को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने खाद, बीज, बिजली, डीजल और पेट्रोल से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा भी हुई।
तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। हालांकि किसानों ने चेतावनी दी कि यदि आठ दिन के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।




