खेत बचाओ अभियान में किसानों को जैविक खेती और मिट्टी संरक्षण का संदेश
केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर द्वारा 4 एवं 5 जून 2026 को टोंक जिले की पीपलू तहसील के चौगाई और मोरनी गांव तथा 5 जून को मालपुरा के झाडली गांव में विशेष किसान चौपालों का आयोजन किया गया। भारत सरकार के "खेत बचाओ अभियान" के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा उनके वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित करना था।
संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस जागरूकता अभियान का नेतृत्व वैज्ञानिक टीम के प्रमुख डॉ. रणधीर सिंह एवं डॉ. अजय कुमार ने किया। चौपाल में किसानों को संबोधित करते हुए वैज्ञानिकों ने रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने किसानों से अपने खेतों की नियमित मिट्टी जांच करवाने और जांच रिपोर्ट के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि मिट्टी की उर्वराशक्ति बनाए रखने के लिए जैविक एवं प्राकृतिक विकल्पों को अपनाना समय की आवश्यकता है।
किसानों को देशी सड़ी हुई गोबर खाद, वर्मीकंपोस्ट, उन्नत जैविक खाद एवं विभिन्न जैव उर्वरकों जैसे राइजोबियम कल्चर, एजोटोबैक्टर, पीएसबी (फॉस्फोरस घुलनशील बैक्टीरिया) तथा एजोस्पाइरिलम के उपयोग की सलाह दी गई। साथ ही मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर रासायनिक खादों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया गया।
चौपाल में किसानों को बताया गया कि जैविक एवं देशी खादों के उपयोग से न केवल भूमि की सेहत बेहतर होगी बल्कि खेती की लागत में कमी आने से किसानों की आय और मुनाफा भी बढ़ेगा। किसानों को कृषि विभाग के माध्यम से मिट्टी परीक्षण करवाकर फसल की आवश्यकता अनुसार पोषक तत्वों का उपयोग करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के समापन पर वैज्ञानिकों ने किसानों से भारत सरकार के इस देशव्यापी अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने तथा मिट्टी के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
संस्थान के मीडिया प्रभारी डॉ. अमर सिंह मीना ने बताया कि चौपाल में 205 से अधिक किसानों ने भाग लिया और मिट्टी एवं खेती को बचाने का संकल्प लिया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने झाडली गांव में किसानों के साथ पौधारोपण भी किया तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश दिया।




