हारे का सहारा... बाबा श्याम हमारा!" आस्था के रंग में रंगा खाटू धाम
राजस्थान के सीकर स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हजारों की संख्या में श्रद्धालु हाथों में निशान लेकर रींगस से खाटू धाम तक पहुंचे और बाबा श्याम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर को भव्य फूलों की सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। चारों तरफ भक्तिमय माहौल नजर आ रहा है और श्रद्धालु "जय श्री श्याम" के जयघोष के साथ बाबा के दर्शन कर रहे हैं।
VIP दर्शन नहीं, सभी भक्तों के लिए समान व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री श्याम मंदिर कमेटी ने विशेष इंतजाम किए हैं। इस बार मंदिर में किसी भी तरह की VIP एंट्री व्यवस्था नहीं रखी गई है। सभी श्रद्धालुओं को 14 अलग-अलग कतारों के माध्यम से सुगम दर्शन करवाए जा रहे हैं।
गर्मी को देखते हुए छाया, पीने के पानी और बिजली की व्यवस्था की गई है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
भक्त बोले- बिना परेशानी के हो रहे दर्शन
दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार व्यवस्थाएं काफी बेहतर हैं। भीड़ अधिक होने के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। महाआरती के बाद भक्तों को प्रसाद भी वितरित किया जा रहा है।
देवशयनी एकादशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत होती है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। शुभ कार्य देवउठनी एकादशी के बाद दोबारा शुरू होते हैं।




