खाटूश्याम जाने वाले भक्त ध्यान दें, आरती के समय में हुआ बदलाव
राजस्थान के प्रसिद्ध खाटूश्याम मंदिर में दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर सामने आई है। सावन महीने की शुरुआत के साथ ही मंदिर प्रशासन ने बाबा श्याम की आरती के समय में बदलाव कर दिया है। ऐसे में अगर भक्त पुराने समय के अनुसार मंदिर पहुंचते हैं, तो उन्हें बाबा श्याम की विशेष आरती के दर्शन से वंचित होना पड़ सकता है।
मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नए आरती समय के अनुसार ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं, ताकि उन्हें दर्शन और पूजा का पूरा लाभ मिल सके।
श्रृंगार आरती अब सुबह 7 बजे होगी
मंदिर प्रशासन के नए आदेश के अनुसार, बाबा श्याम की श्रृंगार आरती अब सुबह 7 बजकर 15 मिनट की जगह सुबह 7 बजे होगी। यानी सुबह होने वाली दिव्य आरती के समय में 15 मिनट का बदलाव किया गया है।
वहीं, शाम की संध्या आरती अब शाम 7 बजकर 15 मिनट की जगह 7 बजकर 30 मिनट पर होगी। यानी शाम की आरती पहले से 15 मिनट देर से होगी।
हर साल पंचांग के अनुसार बदलता है आरती का समय
मंदिर कमेटी के अनुसार, आरती के समय में किया गया यह बदलाव कोई नया नियम नहीं है। यह वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। हिंदू पंचांग और अलग-अलग महीनों के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए बाबा श्याम की पूजा और आरती के समय में बदलाव किया जाता है।
सावन का महीना हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है और इस दौरान मंदिरों में पूजा-पाठ की विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं।
श्रृंगार आरती और संध्या आरती का विशेष महत्व
खाटूश्याम मंदिर में होने वाली श्रृंगार आरती और संध्या आरती का श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व है। इन आरतियों के दौरान बाबा श्याम का भव्य श्रृंगार किया जाता है।
रंग-बिरंगे फूलों से बाबा का दरबार सजाया जाता है, विशेष बागा धारण कराया जाता है और भक्तों को बाबा श्याम के अलग-अलग मनमोहक स्वरूपों के दर्शन होते हैं।
यही वजह है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन दोनों आरतियों में शामिल होने के लिए मंदिर पहुंचते हैं।




