खानपुर मुक्तिधाम में श्रमदान से चला स्वच्छता अभियान सफलतापूर्वक
भारत विकास परिषद एवं नगर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को मुक्तिधाम परिसर में श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, व्यापारियों, समाजसेवियों एवं नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मुक्तिधाम परिसर की व्यापक साफ-सफाई की। इस दौरान परिसर में फैली झाड़ियों, कचरे एवं अन्य अवांछित सामग्री को हटाकर पूरे क्षेत्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने का कार्य किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल सफाई करना ही नहीं था, बल्कि आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना भी था।
उल्लेखनीय है कि गत सप्ताह इस स्वच्छता अभियान का पहला चरण प्रारंभ किया गया था, जिसमें मुक्तिधाम परिसर के बड़े हिस्से की सफाई कर दी गई थी। हालांकि कुछ क्षेत्रों में कार्य शेष रह जाने के कारण दूसरे चरण का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित इस अभियान में स्वयंसेवकों ने कई घंटों तक श्रमदान कर शेष हिस्सों की सफाई की और परिसर को स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अभियान के दौरान सभी प्रतिभागियों ने एकजुट होकर स्वच्छता के महत्व को व्यवहारिक रूप से प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी सरकारी विभाग या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, मोहल्ले, सार्वजनिक स्थलों एवं धार्मिक परिसरों की साफ-सफाई के प्रति जिम्मेदार बने, तो पूरे नगर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है, बल्कि यह समाज की सकारात्मक सोच और जागरूकता का भी परिचायक है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि श्रमदान समाज सेवा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। इससे लोगों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है और सामूहिक प्रयासों की शक्ति का भी एहसास होता है। इस प्रकार के अभियान समाज में सहयोग, समर्पण और सेवा भावना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। मुक्तिधाम जैसे सार्वजनिक एवं धार्मिक महत्व के स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अभियान में शामिल स्वयंसेवकों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे और अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न फैलाएं तथा स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर छोटा-सा योगदान भी दे, तो स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण आसानी से किया जा सकता है।




