ओबीसी सर्वे ड्यूटी के विरोध में लामबंद हुए बीएलओ शिक्षक, एसडीओ को सौंपा ज्ञापन
ओबीसी सर्वे में बीएलओ शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में मंगलवार को खण्डार क्षेत्र के शिक्षक एकजुट होकर उपखण्ड अधिकारी वर्षा मीणा को ज्ञापन सौंपने पहुंचे। शिक्षकों ने मांग की कि उन्हें गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए ताकि विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो।
ज्ञापन में शिक्षकों ने बताया कि वे पिछले वर्ष अक्टूबर-नवंबर 2025 से लगातार एसआईआर सर्वे जैसे विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में लगे हुए हैं। वर्तमान में जनगणना संबंधी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद अब उन्हें ओबीसी सर्वे का कार्य सौंप दिया गया है, जिससे विद्यालयी कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
शिक्षकों ने कहा कि आगामी कुछ दिनों में विद्यालय खुलने वाले हैं। ऐसे में नए विद्यार्थियों के प्रवेश, पोषाहार व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण और नियमित शिक्षण कार्य जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां उनके सामने हैं। यदि शिक्षकों को लगातार सर्वे और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाएगा तो विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालयों का संचालन प्रभावित होगा।
बीएलओ शिक्षकों ने ज्ञापन में निर्वाचन विभाग के उस आदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संबंधित विभाग की स्वीकृति के बिना बीएलओ शिक्षकों को अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाया जाए। शिक्षकों का आरोप है कि इस आदेश की अनदेखी करते हुए उन्हें लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की कि विद्यालय खुलने से पहले उन्हें ओबीसी सर्वे की ड्यूटी से मुक्त किया जाए ताकि वे अपने मूल दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देना आवश्यक है और लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ शिक्षकों पर डालना उचित नहीं है।
बीएलओ शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे ओबीसी सर्वे कार्य का बहिष्कार करेंगे तथा आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे।




