शहर में स्थित श्री बद्रीनाथ जी मंदिर, जो अत्यंत प्राचीन है और खण्डार का एकमात्र भगवान बद्रीनाथ मंदिर माना जाता है, उसके जीर्णोद्धार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
यह मंदिर वर्ष में केवल एक बार अक्षय तृतीया के दिन खुलता है, जब हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लंबे समय से रखरखाव के अभाव में यह मंदिर अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है।
स्थानीय लोगों ने आगे आकर मंदिर के पुनर्निर्माण और विकास का बीड़ा उठाया है। इस उद्देश्य से एक मंदिर निर्माण एवं विकास समिति का गठन किया गया है।
समिति में कमलेश मिश्रा को अध्यक्ष, रमेश चंद्र गुर्जर को उपाध्यक्ष, मुकेश विजय को कोषाध्यक्ष और अनिल वैष्णव को संरक्षक नियुक्त किया गया है। राजीव वैष्णव को समिति का महामंत्री बनाया गया है।
समिति में ओमप्रकाश सेन, गोविंद मथुरिया, बिरजू मथुरिया, मनोज शर्मा, महेश दाधीच, दिनेश सेक्रेटरी, कमलेश पाठक, मनोहर गोपाल मंगल, ओमप्रकाश कहार, ललित शर्मा, अरुणेश उपाध्याय, योगेश प्रजापत, बजरंगलाल प्रजापत, मानवेंद्र अकोदिया सहित कई सदस्यों को शामिल किया गया है।
समिति ने निर्णय लिया है कि 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन श्री बद्री विशाल के वार्षिक दर्शन के साथ जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
समिति मंदिर के जीर्णोद्धार, सौंदर्यकरण और अन्य विकास कार्यों के लिए गांव-गांव संपर्क कर सहयोग जुटाएगी। इस पहल का कस्बे के लोगों ने स्वागत किया और सहयोग का आश्वासन दिया।
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