शादी के दावे पर क्यों उठ रहे सवाल? गवाह और दस्तावेज नहीं मिले
केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले में नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब पुलिस जांच के दौरान एक ऐसा दावा सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल ने पुलिस पूछताछ में दावा किया है कि दोनों ने हत्या से करीब चार महीने पहले गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी। हालांकि, इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इसकी सच्चाई जानने में जुटी हुई है।
सिया और चेतन ने गुपचुप शादी का किया दावा
पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने एक लॉज में बिना किसी शोर-शराबे के प्रतीकात्मक रूप से शादी की थी। उनके मुताबिक उस समय वहां सिर्फ दोनों ही मौजूद थे और चेतन ने सिया की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी पत्नी माना था।
आरोपियों का कहना है कि यह शादी पूरी तरह निजी थी और इसमें किसी अन्य व्यक्ति को शामिल नहीं किया गया। यही कारण है कि इस कथित शादी का कोई प्रत्यक्ष गवाह मौजूद नहीं है।
न गवाह मिले, न कोई कानूनी दस्तावेज
पुलिस जांच में अब तक इस कथित शादी से जुड़ा कोई आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आया है। न तो शादी का कोई पंजीकरण मिला है और न ही ऐसा कोई प्रमाण मिला है जिससे इस दावे की पुष्टि हो सके।
यही वजह है कि जांच एजेंसियां इस दावे को केवल आरोपियों के बयान के आधार पर स्वीकार नहीं कर रही हैं। पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों का दावा कितना सही है।
क्या केतन से सगाई से पहले हुई थी कथित शादी?
जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि यह कथित शादी हुई थी, तो आखिर यह केतन अग्रवाल से सिया की सगाई से पहले हुई थी या बाद में।
यदि शादी का दावा सही पाया जाता है, तो यह जांच की दिशा बदल सकता है। इसी कारण पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रही है और दोनों आरोपियों के बयानों का मिलान कर रही है।
मोबाइल फोन और व्हाट्सएप चैट बने जांच की सबसे अहम कड़ी
पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। इन मोबाइल फोन में मौजूद व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि मोबाइल में मौजूद डिजिटल सबूत दोनों आरोपियों के रिश्ते, उनकी गतिविधियों और कथित शादी के दावे की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।




