केतन हत्याकांड में नया मोड़
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब उनके पिता विशाल अग्रवाल के बयान के बाद मामला फिर चर्चा में है। केतन के पिता ने सिया गोयल के परिवार के कुछ सदस्यों की कथित भूमिका पर भी शक जताया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया है कि उन्होंने अभी पुलिस की चार्जशीट पूरी तरह नहीं पढ़ी है। इसलिए उनका आरोप फिलहाल एक आशंका और जांच की मांग के तौर पर सामने आया है।
पिता ने किन लोगों पर जताया शक?
विशाल अग्रवाल ने सिया के पिता प्रवीण गोयल, मां पूजा गोयल, भाई साहिल गोयल और परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें शक है कि सिया के परिवार के कुछ लोग भी कथित साजिश का हिस्सा हो सकते हैं।
हालांकि, इन आरोपों को लेकर अभी पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। केतन के पिता ने खुद भी कहा है कि चार्जशीट की कॉपी मिलने और उसे पढ़ने के बाद ही वह इस मामले में आगे विस्तार से बात करेंगे।
पांच हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट
पुणे ग्रामीण पुलिस ने चेतन चौधरी और रितेश हांगे के खिलाफ पांच हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस जांच में हत्या की साजिश और उससे जुड़े कई पहलुओं का जिक्र किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में डिजिटल सबूत, मोबाइल डेटा, संदेश, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान जैसे साक्ष्यों की जांच की गई है। चार्जशीट में पुलिस ने कथित तौर पर हत्या की योजना से लेकर घटना के बाद की गतिविधियों तक कई पहलुओं को शामिल किया है।
सिया और चेतन को लेकर भी उठे सवाल
केतन के पिता ने सिया और चेतन चौधरी की कथित शादी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर दोनों के बीच पहले से शादी हुई थी, तो फिर सिया के परिवार की ओर से केतन के साथ उसकी शादी की कोशिश क्यों की गई।
यह सवाल फिलहाल परिवार की ओर से उठाया गया है। इस दावे और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की वास्तविक स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया में स्पष्ट होगी।
पिता ने रखीं कई मांगें
केतन के पिता ने मामले में तेज सुनवाई और प्रभावी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांगों में चार्जशीट की कॉपी उपलब्ध कराना, मामले की फास्ट ट्रैक सुनवाई और वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करना शामिल है।
इसके अलावा उन्होंने मामले में शामिल बताए जा रहे सभी लोगों की भूमिका की जांच की मांग भी की है। उनकी मुख्य मांग है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।



