केशोरायपाटन स्थित ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ श्री सत्यनारायण कथा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाई-बहनों ने भाग लिया। सेवा केंद्र का वातावरण शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और ईश्वरीय स्मृति के साथ हुआ। इसके बाद सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत-अभिनंदन किया गया। कथा के दौरान बीके निकिता बहन ने श्री सत्यनारायण कथा का आध्यात्मिक रहस्य सरल और प्रभावशाली शब्दों में समझाया।
उन्होंने कहा कि “सत्य” का अर्थ परमात्मा का सच्चा ज्ञान और “नारायण” का अर्थ श्रेष्ठ एवं दिव्य गुणों से युक्त मनुष्य है। जब व्यक्ति परमात्मा के सत्य ज्ञान को जीवन में अपनाता है, तब उसके विचार, संस्कार और कर्म श्रेष्ठ बनने लगते हैं तथा जीवन सकारात्मक दिशा में परिवर्तित हो जाता है।
बीके निकिता बहन ने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं और भागदौड़ में इतना व्यस्त हो गया है कि परमात्मा को याद करने का समय नहीं निकाल पाता। जबकि परमात्मा ही जीवन को सही दिशा, शक्ति और ज्ञान प्रदान करता है। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन और परमात्म स्मृति को तनाव, क्रोध और अशांति से मुक्ति पाने का सरल मार्ग बताया।
कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर ईश्वरीय अनुभूति में डूबे नजर आए। भजनों और ईश्वरीय गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने अपने जीवन में सत्य, पवित्रता और आध्यात्मिकता को अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर बूंदी से पधारी राजयोगिनी रजनी दीदी, गीता दीदी और कौशल्या दीदी का सेवा केंद्र प्रभारी भारती दीदी द्वारा स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। अतिथियों ने भी आध्यात्मिक जीवन और नियमित राजयोग मेडिटेशन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक आरती कर विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए प्रार्थना की। इसके पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। संपूर्ण आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।




