5 हजार से अधिक राजस्थानी लोकगीतों का किया संरक्षण
राजस्थानी लोकसंगीत और संस्कृति की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। वीणा कैसेट्स के संस्थापक केसी मालू का सोमवार देर रात हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनके निधन से राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर के कला और संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। लोक कलाकारों, संगीत प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
राजस्थानी संस्कृति को समर्पित रहा पूरा जीवन
साल 1946 में राजस्थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ में जन्मे केसी मालू ने अपना पूरा जीवन राजस्थानी भाषा, लोकसंगीत और लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने ऐसे समय में लोकसंगीत को आगे बढ़ाया, जब क्षेत्रीय संगीत को सीमित पहचान मिलती थी। उनकी मेहनत और दूरदृष्टि ने राजस्थानी संगीत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
वीणा कैसेट्स ने हजारों कलाकारों को दिया मंच
केसी मालू ने वीणा कैसेट्स की स्थापना कर राजस्थानी लोकगीतों, भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को रिकॉर्ड कर लाखों लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने हजारों नए लोक कलाकारों को अवसर दिया और उनकी प्रतिभा को नई पहचान दिलाई। आज जिन कई लोक गायकों की पहचान देशभर में है, उनके सफर में केसी मालू का अहम योगदान माना जाता है।
5 हजार से अधिक लोकगीतों का किया संरक्षण
केसी मालू ने केवल संगीत रिकॉर्ड नहीं किया, बल्कि राजस्थानी संस्कृति की अनमोल विरासत को भी सहेजा। उन्होंने 5 हजार से अधिक राजस्थानी लोकगीतों का संरक्षण किया। साथ ही राजस्थानी विवाह गीतों का विश्व का सबसे बड़ा संकलन तैयार कर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर छोड़ गए।
1987 की ऐतिहासिक लता मंगेशकर नाइट
साल 1987 में जब राजस्थान भीषण अकाल से जूझ रहा था, तब केसी मालू ने जयपुर में ऐतिहासिक 'लता मंगेशकर नाइट' का आयोजन कराया। इस कार्यक्रम में भारत रत्न लता मंगेशकर ने बिना किसी पारिश्रमिक के प्रस्तुति दी। इस आयोजन के माध्यम से 1 करोड़ 1 लाख रुपये राहत कोष के लिए जुटाए गए। यह आयोजन आज भी राजस्थान के सांस्कृतिक इतिहास की सबसे यादगार घटनाओं में गिना जाता है।




