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नाले का खतरा पार कर स्कूल जाते मासूम, कबीरधाम में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

कबीरधाम के पंडरीखार गांव में बच्चे उफनते नाले को पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। बारिश में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई जारी है।

enews bharat1 August 2026
नाले का खतरा पार कर स्कूल जाते मासूम, कबीरधाम में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

कबीरधाम में शिक्षा की राह बनी खतरा, उफनता नाला पार कर स्कूल पहुंच रहे बच्चे

बारिश का मौसम आते ही इन बच्चों की राह स्कूल तक नहीं, बल्कि खतरे तक पहुंच जाती है। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड स्थित बैगा बाहुल्य ग्राम पंडरीखार में शिक्षा हासिल करने के लिए मासूम बच्चों को हर दिन जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।

यहां बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए उफनते सराईदाह नाले को पार करने को मजबूर हैं। तेज बारिश के दौरान नाले का बहाव काफी बढ़ जाता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा बना रहता है। इसके बावजूद पढ़ाई न छूटे, इसलिए बच्चे रोजाना इस मुश्किल रास्ते से गुजरते हैं।

बारिश में बढ़ जाता है बच्चों के लिए खतरा

बरसात के दिनों में सराईदाह नाला खतरनाक रूप ले लेता है। पानी का तेज बहाव बच्चों के लिए परेशानी खड़ी करता है, लेकिन सुरक्षित रास्ते और पुलिया की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें इसी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के समय बच्चों को स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए चिंता का कारण बन जाता है। हर दिन डर बना रहता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए।

स्कूल पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करते हैं बच्चे

गांव में पर्याप्त सरकारी स्कूल की सुविधा नहीं होने के कारण कई बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए आसपास के गांवों में जाना पड़ता है। इनमें भेड़ागढ़, बैगापारा, परसेलखार और चिड़ीपारा जैसे क्षेत्रों के स्कूल शामिल हैं।

इन गांवों तक पहुंचने का सबसे छोटा रास्ता सराईदाह नाले से होकर गुजरता है, जो बारिश के मौसम में पूरी तरह जोखिम भरा हो जाता है।

शिक्षा के अधिकार पर खड़े हुए सवाल

शिक्षा का अधिकार कानून हर बच्चे को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर देने की बात करता है, लेकिन पंडरीखार गांव की स्थिति इससे अलग तस्वीर दिखाती है।

बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए जिस तरह प्राकृतिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, वह ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करता है।

अभिभावकों ने प्रशासन से की स्थायी समाधान की मांग

बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले पर पुलिया या सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था जल्द की जाए, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।

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ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा जरूरी है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है।

बारिश के बीच जारी है बच्चों का संघर्ष

पंडरीखार गांव के बच्चों की यह कहानी बताती है कि कई ग्रामीण इलाकों में शिक्षा तक पहुंच आज भी आसान नहीं है। जहां एक तरफ बच्चे बेहतर भविष्य के लिए स्कूल जाना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ रास्ते की मुश्किलें उनके सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हैं।

अब उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा, ताकि बच्चों को डर के साए में नहीं बल्कि सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिल सके।


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