कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: 11 मौतों के बाद बड़ी कार्रवाई
कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री के साथ आसपास के कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं।
बेटे का शव तलाशता रहा पिता
हादसे के बाद घटनास्थल पर अपनों को तलाशने पहुंचे परिजनों का दर्द बेहद मार्मिक रहा। एक पिता अपने बेटे के शव की तलाश करता रहा। उसने बताया कि उसे अभी केवल बेटे का पैर मिला है। मलबे में शवों और मानव अवशेषों की तलाश के लिए बचाव दलों ने काफी देर तक अभियान चलाया।
हादसे में कई बच्चों की भी मौत हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मृतकों में आठ नाबालिग शामिल हैं। आसपास रहने वाले परिवार भी विस्फोट की चपेट में आए।
अवैध तरीके से चल रही थी पटाखा फैक्ट्री
जांच में सामने आया कि जिस यूनिट में विस्फोट हुआ, उसका लाइसेंस पहले ही निलंबित किया जा चुका था। रिपोर्टों के मुताबिक फैक्ट्री संचालक नौशाद के पटाखा निर्माण एवं भंडारण संबंधी परमिट को अप्रैल 2024 में निलंबित किया गया था। इसके बावजूद कथित तौर पर वहां पटाखा निर्माण और भंडारण का काम जारी रहा। अब प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद फैक्ट्री कैसे संचालित होती रही।
मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
हादसे के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी और फैक्ट्री संचालक नौशाद को पुलिस ने मंगलवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील-सैयद सरावां मार्ग के पास घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया।
सात पुलिसकर्मी निलंबित
घटना के बाद पुलिस विभाग में भी बड़ी कार्रवाई की गई है। प्रथमदृष्टया लापरवाही और अवैध गतिविधि पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप में तत्कालीन थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में निरीक्षक और उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
नोट: आपके दिए गए मूल इनपुट में 9 पुलिसकर्मियों के सस्पेंड होने का उल्लेख है, लेकिन 1 सितंबर 2026 की उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में सात पुलिसकर्मियों के निलंबन



