कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग पर तेज हुई राजनीति
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भारत रत्न की मांग को लेकर बहस तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख Mayawati ने बहुजन आंदोलन के प्रणेता Kanshi Ram को भारत रत्न देने की मांग दोहराई है।
हालांकि उनकी इस मांग पर Indian National Congress की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिससे पार्टी कुछ हद तक असमंजस की स्थिति में दिखाई दे रही है।
इमरान प्रतापगढ़ी बोले – सवाल ही समझ नहीं आ रहा
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद Imran Pratapgarhi ने मायावती की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि बहन जी वास्तव में कहना क्या चाहती हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे तो उनका सवाल ही समझ नहीं आ रहा। वह एनडीए से क्या कह रही हैं—कोई गलती मत करना? यानी सरकार को भारत रत्न देना चाहिए या नहीं देना चाहिए?”
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से मायावती काफी शांत नजर आ रही हैं और इससे बहुजन आंदोलन को नुकसान पहुंच रहा है।
मायावती ने कांशीराम जयंती पर दोहराई मांग
दरअसल हाल ही में कांशीराम जयंती के अवसर पर मायावती ने एक बयान जारी कर केंद्र सरकार से मांग की थी कि बहुजन नायक कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जैसे अतीत में B. R. Ambedkar को लंबे समय तक भारत रत्न नहीं दिया गया था, उसी तरह अब कांशीराम को भी सम्मान देने में देरी नहीं होनी चाहिए।
मायावती का कहना है कि कांशीराम ने संविधान की भावना के अनुसार समतामूलक समाज बनाने के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया।
उन्होंने अपने मिशन के तहत बहुजन समाज को संगठित कर Bahujan Samaj Party के माध्यम से एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित किया और उत्तर प्रदेश में सरकार भी बनाई।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने भी उठाई मांग
दिलचस्प बात यह है कि कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग केवल बसपा तक सीमित नहीं रही।
कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम में Rahul Gandhi की मौजूदगी में भी यह प्रस्ताव पारित किया गया कि कांशीराम को भारत रत्न दिया जाना चाहिए।
इसके अलावा Akhilesh Yadav ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि कांशीराम का योगदान देश के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।




