उदयपुर जिले की कानोड़ नगर पालिका में आयोजित तीन दिवसीय भव्य अहिरावण मेला आज अपने अंतिम चरण में पहुँच गया। 24 मार्च 2026 से प्रारंभ हुआ यह पारंपरिक मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्था का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
मेले के अंतिम दिन 26 मार्च को विशेष आकर्षण के रूप में भव्य आतिशबाजी तथा अहिरावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके साथ इस तीन दिवसीय आयोजन का समापन हुआ। प्रशासन और आयोजन समिति ने इस अवसर को यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की थीं।
अहिरावण मेला क्षेत्र की प्राचीन परंपराओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया जाता है। मेले के दौरान स्थानीय एवं दूर-दराज से आए मेलार्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए। विभिन्न झूले, दुकानें, स्थानीय हस्तशिल्प, खान-पान के स्टॉल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले को जीवंत बनाए रखा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने मेले का भरपूर आनंद लिया।
प्रशासन द्वारा मेले को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया।
शाम को आयोजित अहिरावण दहन कार्यक्रम के साथ भव्य आतिशबाजी की गई, जो मेले का मुख्य आकर्षण रही। इस कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की तादाद में मेलार्थी पहुंचे।
स्थानीय लोगों में इस मेले को लेकर खासा उत्साह देखा गया और हर वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन क्षेत्रीय एकता, परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि का संदेश देता नजर आया।
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