काबुल में एयरस्ट्राइक से तबाही, पाकिस्तान पर उठे सवाल
अफगानिस्तान की राजधानी Kabul में हुए भीषण हवाई हमलों के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। आरोप है कि Pakistan की वायुसेना ने शहर के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिससे भारी जनहानि हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में सैकड़ों नागरिकों की मौत हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। हमले के बाद काबुल के कई हिस्सों में आग और धुएं का गुबार देखा गया।
मंजूर पश्तीन ने जताया कड़ा विरोध
पश्तून मानवाधिकार कार्यकर्ता Manzoor Pashteen ने इस हमले की तीखी आलोचना की है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे “आतंकी हमला” करार देते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों, खासकर अस्पताल में मौजूद मरीजों को निशाना बनाना अमानवीय है।
पश्तीन ने कहा कि इस घटना की आवाज दुनिया भर में उठाई जाएगी और जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा।
रिहायशी इलाके और अस्पताल बने निशाना
जानकारी के अनुसार हमले में काबुल के कई संवेदनशील और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया।
बताया जा रहा है कि हमले में:
रक्षा मंत्रालय के आसपास के इलाके
खुफिया एजेंसी GDI के पास रिहायशी क्षेत्र
राष्ट्रपति भवन के नजदीकी इलाके
काबुल एयरपोर्ट के पास पुराना नाटो बेस
एक बड़ा सरकारी अस्पताल
इन सभी जगहों पर बमबारी की गई, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।
23 मिनट में पांच जगहों पर हमला
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी वायुसेना ने JF-17 और F-16 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करते हुए करीब 23 मिनट के भीतर पांच स्थानों पर हमले किए।
हमले के दौरान भारी पेलोड वाले बम गिराए गए, जिससे कई इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं और आसपास के इलाकों में आग फैल गई।
मौत और घायलों का बढ़ता आंकड़ा
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में करीब 400 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 250 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
रातभर राहत और बचाव कार्य जारी रहा, जिसमें मलबे से लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा Nangarhar प्रांत में भी हमले की खबरें सामने आई हैं, हालांकि वहां किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।




