JPSC छात्र प्रदर्शन पर सरकार सक्रिय, अधिकारियों ने छात्रों से की बातचीत, CM हेमंत सोरेन बोले- हमारा मकसद ठोस समाधान
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC, JSSC-CGL और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई दिनों से चल रहे इस प्रदर्शन ने राज्य सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जिसके बाद सरकार ने छात्रों से बातचीत की पहल शुरू कर दी है।
सरकार ने भेजे वरिष्ठ अधिकारी, छात्रों की मांगें सुनीं
छात्रों के बढ़ते आंदोलन को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचा। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनकी सभी मांगों को विस्तार से सुना। छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग रखी।
अधिकारियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी और सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और जब तक ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया भरोसा
इस पूरे घटनाक्रम पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी समस्या को नजरअंदाज करना नहीं, बल्कि उसका स्थायी और ठोस समाधान निकालना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि योग्य अभ्यर्थियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो और सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से पूरी हों।
छात्रों की क्या हैं प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि JPSC, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कई स्तरों पर कथित अनियमितताएं हुई हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं और इन मामलों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, विवादित मामलों की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और भविष्य की परीक्षाओं में बेहतर निगरानी व्यवस्था शामिल है। उनका कहना है कि लंबे समय से सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे युवाओं का भरोसा तभी लौटेगा, जब सरकार स्पष्ट और प्रभावी कदम उठाएगी।




