JPSC JSSC Controversy: छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार का बड़ा फैसला
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा विवाद को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। छात्र नेता देवेंद्र महतो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए इसे छात्रों की एकजुटता की ऐतिहासिक जीत बताया है। उनके मुताबिक, झारखंड सरकार ने JSSC-CGL समेत TDPL द्वारा आयोजित विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग स्वीकार कर ली है।
सरकार के इस फैसले के बाद राज्य के हजारों प्रतियोगी परीक्षार्थियों में खुशी का माहौल है। आंदोलन से जुड़े छात्रों का कहना है कि उनकी लगातार उठाई गई आवाज आखिरकार सरकार तक पहुंची है।
जुलाई से चल रहा था छात्रों का आंदोलन
JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों का विरोध जुलाई में तेज हुआ था। छात्र नेता देवेंद्र महतो के मुताबिक, 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट के बाद छात्रों ने कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए थे।
इसके बाद 2 जुलाई से विरोध शुरू हुआ और 5 जुलाई से छात्र सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे। छात्रों की मांग थी कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच हो और अगर किसी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 21 जुलाई से CID जांच भी शुरू की गई। हालांकि, छात्रों ने आंदोलन जारी रखा और कथित धांधली के पीछे शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की।
देवेंद्र महतो ने बताया ऐतिहासिक जीत
सरकार के फैसले के बाद छात्र नेता देवेंद्र महतो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन में साथ देने वाले छात्रों और प्रदर्शनकारियों का आभार जताया।
उन्होंने मीडिया का भी धन्यवाद किया और कहा कि छात्रों की आवाज को देश और दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण रही। देवेंद्र महतो ने कहा कि सरकार द्वारा उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार किया जाना छात्रों की एकजुटता की बड़ी जीत है।
उनके मुताबिक, JSSC-CGL और TDPL द्वारा आयोजित सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए बड़ी उपलब्धि है।
छात्रों ने आगे के लिए भी साफ किया रुख
सरकार के फैसले से छात्रों में खुशी है, लेकिन आंदोलन से जुड़े अभ्यर्थियों का कहना है कि आगे परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है।
छात्रों की मांग है कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो और परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह साफ और भरोसेमंद हो।



