श्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर (संवाददाता सुरेश भदाला) — महाविद्यालय के एक्सटेंशन थिएटर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में संस्थान में कार्यरत लगभग 120 श्रमिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के डीन डॉ. डी. के. गोठवाल ने की। उन्होंने सभी श्रमिकों को मजदूर दिवस की शुभकामनाएं देते हुए वर्ष 2026 की थीम “स्वस्थ मनो-सामाजिक कार्य वातावरण सुनिश्चित करना” पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. गोठवाल ने कहा कि श्रमिक किसी भी संस्थान की आधारशिला होते हैं और उनके बिना विकास एवं समृद्धि संभव नहीं है। उन्होंने श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, स्वस्थ तन और मन के साथ कार्य करने तथा परिसर को स्वच्छ बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने आगे कहा कि श्रम केवल जीविका का साधन नहीं बल्कि आत्म-गौरव, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। जब व्यक्ति मन, बुद्धि और चेतना के समन्वय से कार्य करता है, तो श्रम साधना का रूप ले लेता है।
फार्म इंचार्ज प्रोफेसर डॉ. एल. आर. यादव ने श्रमिकों को शुभकामनाएं देते हुए ईमानदारी से कार्य करने और अपने स्वास्थ्य एवं परिवार का ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने श्रमिकों को केवल संसाधन नहीं बल्कि एक भावनात्मक इकाई के रूप में देखने पर जोर दिया।
डॉ. डी. आर. बाज्या ने कहा कि हर वर्ष 1 मई को मनाया जाने वाला विश्व श्रमिक दिवस श्रमिकों के योगदान का सम्मान है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण देकर संस्थान और राष्ट्र को प्रगति की ओर ले जाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रेम सिंह शेखावत ने “श्रमेव जयते” का संदेश देते हुए श्रमिकों को समाज की अमूल्य धरोहर बताया और सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. कैलाश चंद्र वर्मा, राजेंद्र डोडवाड़िया, रिछपाल सिंह, आशीष, दीपक जैन, डॉ. मुकेश भटेश्वर, मीना चौधरी सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




