श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर (जयपुर) की अधीनस्थ इकाई राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (रारी), दुर्गापुरा स्थित पेस्टिसाइड रेजिड्यू लेबोरेट्री को राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) की प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई है। यह मान्यता वर्ष 2030 तक प्रभावी रहेगी। इस उपलब्धि से संस्थान की वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, जिससे किसानों, कृषि उद्यमियों एवं आमजन को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
हाल ही में एनएबीएल की विशेषज्ञ टीम द्वारा प्रयोगशाला का विस्तृत निरीक्षण एवं तकनीकी मूल्यांकन किया गया, जिसमें उपकरणों की गुणवत्ता, परीक्षण विधियों और मानव संसाधन की दक्षता का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। जांच में प्रयोगशाला को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाया गया, जिसके आधार पर यह मान्यता प्रदान की गई।
कुलगुरु प्रो. डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने इसे किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण में स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी।
रारी निदेशक डॉ. सुरेंद्र सिंह मनोहर ने कहा कि यह उपलब्धि वैज्ञानिकों की मेहनत का परिणाम है। इसमें डॉ. बी.एल. जाखड़, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. बी.एन. शर्मा एवं हंसा जाट सहित पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने बताया कि यह लैब पहले भी 2015 में एनएबीएल मान्यता प्राप्त कर चुकी है।
यह प्रयोगशाला फलों, सब्जियों, अनाज एवं अन्य खाद्य उत्पादों में कीटनाशक अवशेषों की जांच करती है, जो उपभोक्ता स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अब रिपोर्ट्स को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक स्वीकार्यता मिलेगी।
इस मान्यता से किसानों को उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, बेहतर मूल्य प्राप्त करने और निर्यात में सुविधा मिलने की उम्मीद है।




