जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय में अष्टम दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन
श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर (जयपुर) में अष्टम दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम्, राष्ट्रगान, दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े अस्वस्थता के कारण समारोह में उपस्थित नहीं हो सके। उनके स्थान पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने की।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय किसान संघ के सह संगठन मंत्री गजेन्द्र सिंह तथा दीक्षांत अतिथि के रूप में प्रो. डॉ. एस. एस. चहल (पूर्व कुलपति, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर) उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान सहित कई गणमान्य अतिथि कार्यक्रम में मौजूद रहे।
1576 विद्यार्थियों को मिली डिग्रियाँ
दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के 1576 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। इनमें
पीएचडी (कृषि) – 28
पीएचडी (उद्यान) – 1
स्नातकोत्तर (कृषि) – 72
स्नातकोत्तर (उद्यान) – 13
स्नातक (कृषि) – 1431
बी.टेक (डेयरी टेक्नोलॉजी) – 31 विद्यार्थी शामिल रहे।
इस अवसर पर कुल 16 गोल्ड मेडल प्रदान किए गए, जिनमें से 13 गोल्ड मेडल छात्राओं ने हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की।
छात्राओं ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली छात्राओं में आंचल पारीक, रेखा गुर्जर, निशा कुमारी जीतरवाल, सरोज वर्मा, नीतू कुमावत, नेहा कुमारी गागर, सरिता कुमारी, नीलम यादव, शैली पुरोहित, शीतल कुमावत, कविता कंसोटिया, अर्चना कुमावत और सुंदर शामिल रहीं।
कृषि में नवाचार और एआई पर जोर
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी तथा उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मोटे अनाजों के महत्व और सूखा सहनशील किस्मों के विकास पर भी जोर दिया।
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