श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर (जयपुर ) /- की अधीनस्थ इकाई कृषि विज्ञान केंद्र, अरणिया द्वारा ग्राम कुली खाचरियावास में “कृषि ग्राम महोत्सव 2026” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रसार शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आई.एम. खान, सहायक प्रोफेसर डॉ. बी.एस. बधाला, अरणिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ. शंकर कशवा, सहायक प्रोफेसर डॉ. सुमन चौधरी, सहायक प्रोफेसर डॉ. अरुण प्रताप सिंह सहित कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 206 किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत तकनीकों, बीजोपचार, फसल सुरक्षा, पशुपालन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की।
डॉ. आई.एम. खान ने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए साबी इंक्यूबेटर की योजनाओं एवं अनुदान संबंधी जानकारी साझा की। उन्होंने कृषक हितैषी कार्यक्रमों एवं कृषि शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
डॉ. बी.एस. भदाला ने सॉइल हेल्थ कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित करते हुए फार्मर पोर्टल, किसान कॉल सेंटर एवं जल अभाव की स्थिति में संरक्षित खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही वर्षा आधारित कृषि में फार्म पौंड निर्माण के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
डॉ. शंकर कशवा ने खरीफ फसलों के वैज्ञानिक उत्पादन, जल संरक्षण, उन्नत कृषि तकनीकों एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विषय पर किसानों का मार्गदर्शन किया।
डॉ. सुमन चौधरी ने बीजोपचार, खरीफ फसलों की उन्नत किस्मों, कीट एवं रोग प्रबंधन, संतुलित पोषण प्रबंधन तथा सफेद लट के प्रभावी नियंत्रण के बारे में जानकारी दी।
डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने पशुपालन से संबंधित विभिन्न बीमारियों, उनके बचाव एवं टीकाकरण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं किसानों के मध्य संवादात्मक चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें किसानों ने खेती-किसानी से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए।




