श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर की अधीनस्थ इकाई राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा की अखिल भारतीय भूमिगत पीड़क संधिपाद नेटवर्क परियोजना एवं प्रसार शिक्षा निदेशालय, जोबनेर द्वारा ग्राम कृषि महोत्सव 2026 के अंतर्गत जोबनेर के निकटवर्ती ग्राम जोरपुरा में किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं सहित कुल 198 किसानों की उपस्थिति दर्ज की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान रहे। कार्यक्रम में डायरेक्टर एचआरडी डॉ. अमरचंद शिवरान, डायरेक्टर रिसर्च डॉ. उम्मेद सिंह, नेटवर्क कॉर्डिनेटर डॉ. बी. एल. जाखड़ तथा डॉ. आई. एम. खान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों द्वारा सफेद लट नियंत्रण हेतु किसानों को फेरोमोन ट्रैप तकनीक की जानकारी दी गई तथा गांव में 100 फेरोमोन ट्रैप डेमोंस्ट्रेशन स्थापित किए गए। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों की प्रभावी निगरानी एवं नियंत्रण में सहायक है तथा मित्र कीटों के संरक्षण में भी उपयोगी है।
कुलगुरु डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान भाई मिट्टी की जांच करवाकर ही आवश्यकता अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करें तथा अंधाधुंध कीटनाशकों के उपयोग से बचें। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कृषि क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे फसलों की निगरानी, रोग एवं कीट पहचान, सिंचाई प्रबंधन तथा उत्पादन लागत में कमी लाने में सहायता मिल रही है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई तकनीकों को अपनाने एवं संतुलित कृषि पद्धतियों के माध्यम से टिकाऊ खेती करने का आह्वान किया।
डॉ. उम्मेद सिंह (निदेशक अनुसंधान) ने किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकों को अपनाने, उन्नत किस्मों का चयन करने तथा समय पर खरपतवार प्रबंधन करने की जानकारी दी।
डॉ. अमरचंद शिवरान ने प्राकृतिक खेती पर जोर देते हुए कहा कि “खाने में शुद्धता और जीवन में स्वस्थता बनाए रखने के लिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है।” उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के संतुलित उपयोग तथा जैविक विकल्प अपनाने की सलाह दी। उन्होंने ग्रामीणों को सभी प्रकार के अनाजों, विशेषकर मोटे अनाजों के नियमित उपभोग के लिए प्रेरित किया।




