जोबनेर में “पाठ्यक्रम से करियर तक” संप्रेषण कौशल प्रशिक्षण का भव्य शुभारंभ
श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर (जयपुर) के अधीनस्थ उद्यानिकी महाविद्यालय, दुर्गापुरा में “पाठ्यक्रम से करियर तक: व्यावसायिक सफलता के लिए संप्रेषण कौशल” विषय पर एक सप्ताहीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उत्साहपूर्वक शुभारंभ किया गया। वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक और वैश्विक परिवेश में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रभावी संप्रेषण क्षमता, आत्मविश्वास, नेतृत्व कौशल और पेशेवर व्यवहार सफलता की अनिवार्य शर्त बन चुके हैं। इसी उद्देश्य से यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है, जिससे विद्यार्थी पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर करियर उन्मुख दक्षताओं से सशक्त बन सकें।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान रहे, जिन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कॉर्पोरेट, शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में वही युवा सफल होते हैं जो स्पष्ट, प्रभावी और आत्मविश्वासपूर्ण संवाद स्थापित कर पाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर आत्ममूल्यांकन, नई चुनौतियों को स्वीकार करने और अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की प्रमुख वक्ता प्रोफेसर डॉ. वैश्ना नारंग, पूर्व प्रोफेसर एवं डीन, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली ने कहा कि संचार कौशल आज सफलता की कुंजी है। उन्होंने साक्षात्कार कौशल, समूह चर्चा, कॉर्पोरेट प्रस्तुति, प्रभावी ईमेल लेखन, बॉडी लैंग्वेज, समय प्रबंधन और पेशेवर आचरण को करियर निर्माण में निर्णायक बताया। उन्होंने प्रतिभागियों को सक्रिय सहभागिता और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से अधिकतम लाभ लेने की सलाह दी।
निदेशक छात्र कल्याण डॉ. के. सी. शर्मा ने कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों की आत्म-अभिव्यक्ति को सशक्त बनाएगा और उन्हें प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं एवं निजी क्षेत्र दोनों में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करेगा। राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा के निदेशक डॉ. सुरेंद्र सिंह मनोहर ने तकनीकी ज्ञान के साथ व्यवहारिक कौशल विकसित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में उद्यानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एल. एन. बैरवा ने अतिथियों का स्वागत कर महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और नवाचार गतिविधियों की जानकारी दी। कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. संदेसा रयपा ने बताया कि एक सप्ताह तक विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, इंटरैक्टिव कार्यशालाएं, भूमिका-अभिनय, समूह चर्चा, मॉक इंटरव्यू और प्रस्तुतीकरण अभ्यास कराए जाएंगे। आधुनिक संचार तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।




