टारगेट एजुकेशन इंस्टिट्यूट, हस्तेड़ा के विद्यार्थियों के लिए श्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर में एक प्रेरक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक कृषि तकनीकों, अनुसंधान और करियर संभावनाओं से परिचित कराना रहा।
विद्यार्थियों ने हॉर्टिकल्चर विभाग का दौरा कर प्रोफेसर डॉ. ओ.पी. गढ़वाल से संरक्षित खेती एवं आधुनिक बागवानी तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने फल एवं सब्जी उत्पादन, जैविक खेती, पौधरोपण की वैज्ञानिक विधि और आधुनिक सिंचाई प्रणाली के बारे में समझाया। साथ ही, विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
भ्रमण के दौरान एक्सटेंशन थिएटर में एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सहायक प्रोफेसर डॉ. बी.एस. बधाला ने महाविद्यालय के इतिहास, कृषि शिक्षा और करियर के अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया और कृषि क्षेत्र में संभावनाओं की जानकारी देते हुए छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए।
इसके बाद सहायक प्रोफेसर डॉ. संतोष देवी समोता ने छात्रों को संचार कौशल और भविष्य की सफलता के लिए आवश्यक क्षमताओं पर मार्गदर्शन दिया। सत्र के अंत में विजेता छात्रों का सम्मान भी किया गया।
चतुर्थ वर्ष की छात्रा किरण चौधरी और ईशिका महर्षि ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्रों को प्रेरित किया।
विद्यार्थियों को महाविद्यालय की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण कराया गया, जिसमें पशुपालन एवं पोल्ट्री प्रबंधन विभाग शामिल था। यहां छात्रों ने कड़कनाथ और व्हाइट लेग हॉर्न मुर्गी, सिरोही व तोतापरी बकरी तथा गिर गाय जैसी नस्लों का अवलोकन किया। साथ ही फार्म पोंड का निरीक्षण कर जल संरक्षण के महत्व को समझा।
पादप विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. आर.पी. घासोलिया ने पादप रोग और बीजोपचार की जानकारी दी। वहीं मृदा विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. के.के. शर्मा और डॉ. एस.एस. शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं का भ्रमण करवाया।
विश्वनाथ ने विश्वविद्यालय पुस्तकालय का दौरा कराया, जबकि एम.एस.सी. प्रसार शिक्षा के छात्र मुकेश कुमावत, मोहित रोलन और हेमंत मीना ने विभिन्न इकाइयों की जानकारी दी।
इस शैक्षणिक भ्रमण में संस्थान निदेशक सुरेंद्र खीचड़ के नेतृत्व में शिक्षक—अशोक यादव, सुरेश गरेड़, ओमप्रकाश सेपट, सुरज्ञान कुमावत और सीताराम देवन्दा—सहित 55 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए। यह अनुभव विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ।




