झारखंड भर्ती परीक्षा विवाद: सड़क पर उतरे अभ्यर्थी, पारदर्शी जांच की मांग तेज
रांची: झारखंड में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हजारों छात्र और अभ्यर्थी इन दिनों सड़कों पर हैं। Jharkhand Public Service Commission (JPSC) और Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के आरोपों को लेकर राजधानी रांची में आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। छात्र पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं और सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि 14वीं JPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा, JSSC-CGL भर्ती परीक्षा और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो चुके हैं, इसलिए केवल जांच के आश्वासन से काम नहीं चलेगा बल्कि पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
छात्रों की प्रमुख मांगें
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं—
14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जाए।
JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रियाओं की CBI से जांच कराई जाए।
भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों के दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर जारी कर नियमित नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएं।
मूल्यांकन और चयन प्रणाली में सुधार किया जाए।
रांची में लगातार जारी है धरना
राजधानी रांची में बड़ी संख्या में छात्र खुले आसमान के नीचे धरना दे रहे हैं। कई अभ्यर्थी दूर-दराज के जिलों से आंदोलन में शामिल होने पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी कर रहे हैं और सरकार से सीधे वार्ता की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों का आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आते रहे हैं। उनका आरोप है कि बार-बार पारदर्शिता और सुधार के आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव नहीं हुए। इसी कारण युवाओं का भरोसा भर्ती प्रणाली से उठता जा रहा है।




