झालावाड़ में नाबालिग का चार लाख में सौदा, तीन गिरफ्तार
राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां 17 वर्षीय किशोरी की शादी के नाम पर चार लाख रुपये में सौदा करने का आरोप उसके पिता और मामा पर लगा है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी की शादी उसकी इच्छा के खिलाफ उससे करीब दोगुनी उम्र के व्यक्ति से कराई गई थी। मामले में पुलिस ने किशोरी के पिता, मामा और कथित पति को गिरफ्तार किया है।
इस पूरे मामले का खुलासा पति की हत्या की साजिश से जुड़ी सूचना की जांच के दौरान हुआ। पुलिस को एक युवक से डिजिटल साक्ष्य और सोशल मीडिया चैट की जानकारी मिली थी। जांच आगे बढ़ी तो किशोरी की कम उम्र में शादी, कथित खरीद-फरोख्त और उसके साथ की गई पाबंदियों से जुड़े तथ्य सामने आए।
हत्या की साजिश की जांच में सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, एक युवक ने पुलिस को सूचना दी थी कि सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आई एक युवती अपने पति की हत्या करवाना चाहती है। युवक ने इस संबंध में डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध कराए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। जब पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की, तो पता चला कि युवती की शादी के समय उम्र 18 साल से कम थी। जांच में आरोप सामने आया कि उसके पिता और मामा ने चार लाख रुपये लेकर उसकी शादी कराई थी।
इस तरह पति की हत्या की साजिश से जुड़ी सूचना की जांच करते हुए पुलिस एक ऐसे मामले तक पहुंची, जिसमें नाबालिग की कथित खरीद-फरोख्त और जबरन शादी के आरोप सामने आए।
17 साल की किशोरी की शादी कराने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, किशोरी की शादी जून 2025 में कराई गई थी। उस समय उसकी उम्र करीब 17 साल 8 महीने थी। आरोप है कि उसके पिता और मामा ने चार लाख रुपये लेकर उसकी शादी 34 वर्षीय व्यक्ति से कराई।
रिपोर्ट के अनुसार, इस शादी को गोपनीय रखा गया था। किशोरी की इच्छा और उसकी उम्र को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। पुलिस ने मामले में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत जांच शुरू की।
कानून के मुताबिक, नाबालिगों की सुरक्षा और उनकी सहमति से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी जरूरी है। किसी लड़की की शादी के नाम पर आर्थिक लेन-देन और उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध वैवाहिक संबंध में बांधने के आरोप गंभीर हैं।
स्टाम्प पेपर पर लिखी गई थीं शर्तें
जांच के दौरान पुलिस को एक नोटरी स्टाम्प पर तैयार किया गया समझौता पत्र भी मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें किशोरी के दोबारा घर छोड़ने की स्थिति में उसके पिता से चार लाख रुपये वापस लेने की शर्त रखी गई थी।
इसके अलावा, किशोरी के आने-जाने और मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदियां लगाए जाने की बात भी सामने आई। इन शर्तों को लेकर पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
इस तरह के समझौते किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता और अधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करते हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन शर्तों को तैयार कराने में किन लोगों की भूमिका थी और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
शादी के कुछ दिन बाद ही घर छोड़कर चली गई थी किशोरी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शादी के करीब 20 दिन बाद किशोरी वहां से चली गई थी। बाद में उसे बरामद किया गया और बालिग होने तक बालिका गृह में रखा गया।



