झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग ने एक जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। इस सर्जरी के माध्यम से 61 वर्षीय बुजुर्ग मरीज की आंखों की रोशनी को बचा लिया गया।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के जमोनिया निवासी हरि सिंह पिछले एक वर्ष से आंखों की समस्या से जूझ रहे थे। उनकी बाईं आंख की रोशनी लगातार कम हो रही थी और पिछले तीन महीनों में आंख बाहर की ओर उभर आई थी। कई जगह इलाज के बाद भी राहत नहीं मिलने पर उन्हें झालावाड़ मेडिकल कॉलेज लाया गया।
न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. रामसेवक योगी ने जांच में पाया कि आंख के पीछे एक बड़ी गांठ ऑप्टिक नर्व पर दबाव बना रही है। 30 मार्च को उनकी अगुवाई में विशेषज्ञ टीम ने करीब 6 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन में 48×34×36 मिमी की गांठ को सफलतापूर्वक निकाल दिया।
डॉ. योगी ने बताया कि यह सर्जरी अत्यंत जोखिमपूर्ण थी और आमतौर पर ऐसे ऑपरेशन बड़े संस्थानों में ही संभव होते हैं, लेकिन झालावाड़ मेडिकल कॉलेज ने सीमित संसाधनों में यह उपलब्धि हासिल की।
मानवता की मिसाल पेश करते हुए मरीज का इलाज पूरी तरह निशुल्क किया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक शर्मा और उप अधीक्षक डॉ. सुमित हाड़ा के सहयोग से यह संभव हुआ।
इस ऑपरेशन को सफल बनाने में कई विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वर्तमान में मरीज स्वस्थ है और उसकी आंखों की रोशनी वापस आ गई है।
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