झालावाड़ में झगड़ा प्रथा उन्मूलन हेतु 100 दिवसीय जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ
जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग की ओर से सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से "झगड़ा हटाओ - समाज बचाओ" अभियान का शुभारंभ किया गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत संचालित यह विशेष जनजागरूकता अभियान आगामी 100 दिनों तक जिले के मनोहरथाना, अकलेरा और बकानी ब्लॉकों में चलाया जाएगा।
जिला महिला समाधान समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य झगड़ा प्रथा जैसी सामाजिक कुप्रथा के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। अभियान के दौरान विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा, महिला अधिकारों और लैंगिक समानता का संदेश दिया जाएगा।
जिला कलक्टर ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी
अभियान के शुभारंभ अवसर पर जिला कलक्टर ने जिला मुख्यालय से विशेष रूप से तैयार किए गए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ अगले 100 दिनों तक मनोहरथाना, अकलेरा और बकानी क्षेत्र के गांवों एवं पंचायतों में पहुंचकर लोगों को अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराएगा।
रथ के माध्यम से झगड़ा प्रथा के दुष्परिणाम, बालिकाओं की शिक्षा का महत्व, महिला अधिकार और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके लिए रथ में आकर्षक फ्लेक्स, संदेशात्मक पोस्टर, ऑडियो संदेश और प्रचार सामग्री की व्यवस्था की गई है। विभिन्न विभागों के कार्मिक और स्वयंसेवक भी ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आगे आने के लिए प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर झगड़ा प्रथा के दुष्प्रभावों पर आधारित विशेष पोस्टर का भी विमोचन किया गया।
सामाजिक बदलाव में जनभागीदारी पर दिया जोर
जिला कलक्टर ने कहा कि जिले के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को लेकर अनाधिकृत आर्थिक लेन-देन और अलोकतांत्रिक सामाजिक दंड जैसी कुप्रथाएं प्रचलित हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं और सामाजिक परिवर्तन के सहभागी बनें।
महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक मनोज कुमार मीणा ने बताया कि अभियान के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को झगड़ा प्रथा के दुष्परिणामों तथा बालिकाओं की शिक्षा और संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।




