राज्य सरकार की मंशानुसार आमजन की समस्याओं के समयबद्ध समाधान और प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से त्रि-स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन गुरुवार को मिनी सचिवालय स्थित भा.नि. राजीव गांधी सेवा केन्द्र के वीसी रूम में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संभागीय आयुक्त कोटा एवं जिले के प्रभारी सचिव अनिल कुमार अग्रवाल ने की। इस दौरान आमजन ने विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं, शिकायतें और मांगें प्रस्तुत कीं, जिन पर गंभीरता से सुनवाई करते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में मुआवजा, जमीन से अवैध कब्जा हटाने, आवासीय पट्टे, श्रम विभाग की छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत रिफंड, पेंशन, पेयजल, बिजली, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, सड़क, चिकित्सा और शिक्षा सहित 40 से अधिक प्रकरण सामने आए। अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए गए और कई मामलों में तुरंत राहत भी प्रदान की गई।
संभागीय आयुक्त ने कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन को राहत देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवेदना का प्राथमिकता से गुणवत्तापूर्ण और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। लंबित मामलों में अनावश्यक देरी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और सभी अधिकारी जनहित के मामलों में गंभीरता से कार्य करें।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनुराग भार्गव, जिला परिषद सीईओ शंभु दयाल मीणा, उपखंड अधिकारी अभिषेक चारण सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।




