102 वर्षीय वृद्ध को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ, प्रशासन बना सहारा
जिला प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और आमजन के प्रति मानवीय सरोकारों का प्रेरणादायी उदाहरण उस समय सामने आया, जब 102 वर्षीय वृद्ध उदा बेरवा अपनी समस्या लेकर जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ के पास पहुंचे। वृद्ध की व्यथा सुनते ही जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई और एम्बुलेंस से सुरक्षित उनके घर भी पहुंचाया।
झालावाड़ जिले के किशनपुरा बारा, पाटलिया कुल्मी निवासी उदा बेरवा ने जिला कलक्टर को बताया कि वे लंबे समय से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के लाभ से वंचित हैं, जिससे उन्हें दैनिक जीवन-यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अपनी समस्या का समाधान करने की अपील की।
जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रसद विभाग के अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए कि आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर जनआधार पंजीयन कराया जाए तथा वृद्ध को शीघ्र खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ दिलाया जाए। अधिकारियों ने निर्देशों की पालना करते हुए तुरंत आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
वृद्धावस्था को देखते हुए जिला कलक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि उदा बेरवा को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। इसके बाद चिकित्सा विभाग की ओर से एम्बुलेंस उपलब्ध करवाई गई और उन्हें सकुशल उनके गांव स्थित घर पहुंचाया गया।
जिला प्रशासन की इस पहल से भावुक हुए उदा बेरवा ने जिला कलक्टर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी समस्या का इतनी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ समाधान होगा।
यह पहल दर्शाती है कि जब प्रशासनिक दायित्वों के साथ मानवीय संवेदनाएं जुड़ती हैं, तो सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचता है। जिला प्रशासन झालावाड़ की यह कार्रवाई सुशासन और जनसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आई है।




