जिले के प्रभारी सचिव एवं संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में रविवार को मिनी सचिवालय सभागार में फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में खाद्य सुरक्षा योजना, कुसुम योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, आयुष्मान भारत योजना, कर्मभूमि से मातृभूमि योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), मिशन हरियालो राजस्थान, जल जीवन मिशन एवं अमृत योजना सहित विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई।
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया।
चिकित्सा व्यवस्थाओं को मजबूत रखने के निर्देश
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिले की चिकित्सा संस्थाओं में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अस्पतालों में बेहतर परामर्श व्यवस्था, पर्याप्त चिकित्सा संसाधन एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
प्रभारी सचिव ने इमरजेंसी एवं लेबर रूम की सतत निगरानी करने तथा मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए।
वंदे गंगा अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की समीक्षा करते हुए जल संसाधन विभाग को अधिकाधिक जल संरक्षण संरचनाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को खराब हैंडपंपों की शीघ्र मरम्मत तथा स्थानीय निकायों को प्रत्येक वार्ड में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर विकसित करने के लिए कहा गया।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है और वंदे गंगा अभियान को जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जाना चाहिए। इसके लिए विभागों के समन्वित प्रयासों के साथ आमजन की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।




