सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 18 साल से कम छात्रों की तुरंत रिहाई के निर्देश
जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि 18 साल से कम उम्र के छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रदर्शनकारी छात्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदर्शन से जुड़े छात्रों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मामले में छात्रों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिया।
नाबालिग छात्रों की रिहाई के आदेश से मिली राहत
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग छात्रों को हिरासत में रखने पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि कम उम्र के छात्रों के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाना चाहिए और उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।
कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। इस फैसले को छात्र समुदाय के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे थे छात्र
जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में कई छात्र शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगों को लेकर छात्रों ने आवाज उठाई थी। इसके बाद कुछ छात्रों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद अदालत ने छात्रों के हित में निर्देश जारी किए और प्रशासन को संयम बरतने की सलाह दी।
सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के अधिकारों पर दिया जोर
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है। खासतौर पर छात्रों के मामलों में प्रशासन को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
अदालत ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों को केवल अपनी बात रखने के कारण परेशान न किया जाए।




