जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में विवादित किताबें मिलने के बाद जांच तेज हो गई। खुलासा हुआ कि संबंधित पुस्तक 2022 से जम्मू यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में भी उपलब्ध थी।
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में सरकारी स्कूलों तक कथित विवादित किताबों के पहुंचने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान सामने आया कि जिस पुस्तक को लेकर विवाद खड़ा हुआ, वह साल 2022 से जम्मू यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में भी उपलब्ध थी। इस खुलासे के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
इस मामले में पहले ही प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन प्रकाशकों (Publishers) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विवादित सामग्री वाली पुस्तकें सरकारी स्कूलों तक पहुंचाई गईं, जिसके बाद शिक्षा विभाग और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं।
क्या है पूरा मामला?
जम्मू-कश्मीर में हाल ही में कुछ सरकारी स्कूलों में ऐसी किताबें मिलने की जानकारी सामने आई, जिनकी सामग्री को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू की और संबंधित प्रकाशकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि विवादित पुस्तक 2022 से जम्मू यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में भी दर्ज थी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि पुस्तक लाइब्रेरी तक कैसे पहुंची और इसके चयन की प्रक्रिया क्या थी।
प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाया
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि विवादित पुस्तकें किन-किन संस्थानों तक पहुंचीं और क्या इनका वितरण किसी सुनियोजित प्रक्रिया के तहत किया गया था। शिक्षा विभाग, विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पुस्तक की खरीद और लाइब्रेरी में शामिल किए जाने की मंजूरी किस स्तर पर दी गई थी।
सरकारी स्कूलों में किताब पहुंचने पर मचा बवाल
सरकारी स्कूलों में इस पुस्तक के मिलने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी विवाद शुरू हो गया। कई संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।




