J&K में बिजली दरों को लेकर सड़क पर उतरी अपनी पार्टी
जम्मू-कश्मीर में बिजली की बढ़ी हुई दरों को लेकर राजनीतिक विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। अपनी पार्टी ने श्रीनगर में बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की। यह प्रदर्शन श्रीनगर के प्रेस एन्क्लेव इलाके में आयोजित किया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व अपनी पार्टी के अध्यक्ष सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में किया गया। पार्टी की श्रीनगर जिला इकाई ने सरकार के बिजली दर बढ़ाने के फैसले के खिलाफ यह प्रदर्शन आयोजित किया था।
बिजली दरों में औसतन 6.83 प्रतिशत बढ़ोतरी
मामला जम्मू-कश्मीर में बिजली की नई दरों से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने प्रदेश में बिजली दरों में औसतन 6.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
नई दरें 1 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहने वाली हैं। अलग-अलग घरेलू खपत स्लैब के आधार पर बिजली दरों में अलग-अलग प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
पहले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट तक बिजली की दर करीब 2.30 रुपये प्रति यूनिट थी। वहीं 201 से 400 यूनिट तक की खपत के लिए करीब 4 रुपये प्रति यूनिट और 400 यूनिट से अधिक खपत के लिए करीब 4.35 रुपये प्रति यूनिट दर थी।
नई व्यवस्था में इन तीनों स्लैब में क्रमशः लगभग 6.5 प्रतिशत, 5 प्रतिशत और 5.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, वास्तविक बिल उपभोक्ता की कैटेगरी, मासिक खपत और स्वीकृत लोड जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।
श्रीनगर में अपनी पार्टी का प्रदर्शन
बिजली दरों में इस बढ़ोतरी के विरोध में अपनी पार्टी की श्रीनगर जिला इकाई ने प्रेस एन्क्लेव में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई पार्टी के राज्य सचिव और मुख्य प्रवक्ता मुंतजिर मोहिउद्दीन तथा जिला अध्यक्ष नूर मोहम्मद शेख ने की।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बिजली की नई दरों को वापस लेने की मांग की। पार्टी का कहना है कि बिजली की कीमत बढ़ने से आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
उमर अब्दुल्ला सरकार पर निशाना
अपनी पार्टी के प्रदर्शन के दौरान जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार को भी निशाने पर लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार को विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 200 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे की याद दिलाई। पार्टी का आरोप है कि यह वादा अभी पूरा नहीं किया गया है और दूसरी तरफ बिजली की दरों में बढ़ोतरी की जा रही है।
अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी ऐसे समय में आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ा सकती है, जब जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दे पहले से चर्चा में हैं।
लाल चौक की ओर मार्च की कोशिश
प्रदर्शन के दौरान अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शेख बाग स्थित पार्टी मुख्यालय से लाल चौक की ओर मार्च करने की कोशिश भी की।
हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया।
पार्टी ने केवल बिजली की दरों को लेकर ही सवाल नहीं उठाया, बल्कि घाटी में स्मार्ट वॉटर मीटर लगाने की योजना को भी वापस लेने की मांग की है।
बिजली बिल को लेकर आम उपभोक्ताओं पर क्या असर?
नई बिजली दरों का असर प्रत्येक उपभोक्ता पर उसकी खपत और कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग स्लैब निर्धारित हैं, जबकि बड़े उपभोक्ताओं के लिए बिजली इस्तेमाल के समय जैसे कारक भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।



