जेमी लीवर ने वायरल AI वीडियो को फर्जी बताया और यशवर्धन आहूजा को छोटे भाई जैसा बताया।
जॉनी लीवर की बेटी और एक्ट्रेस जेमी लीवर इन दिनों अपनी शादी को लेकर वायरल हो रही फर्जी खबरों के कारण चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर एक AI वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि जेमी लीवर और गोविंदा के बेटे यशवर्धन आहूजा की शादी हो गई है। वीडियो में दोनों की शादी से जुड़े AI-generated विजुअल भी दिखाए गए। हालांकि, जेमी लीवर ने खुद सामने आकर इन खबरों को पूरी तरह फर्जी बताया है।
जेमी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उनकी शादी को लेकर लोग काफी समय से उत्सुक हैं और इसी वजह से इंटरनेट पर कई AI और फेक वीडियो बनाए जा रहे हैं। शुरुआत में उन्होंने इन वीडियो को मजाक के तौर पर लिया और अपने परिवार के साथ इन्हें देखकर हंसी भी, लेकिन बाद में मामला परेशानी का कारण बनने लगा।
फर्जी वीडियो के कारण आने लगे बधाई के कॉल
जेमी लीवर ने बताया कि वायरल वीडियो के बाद उन्हें लगातार लोगों के फोन आने लगे। कई लोग उन्हें शादी की बधाई देने लगे, जबकि वास्तविकता में उनकी शादी नहीं हुई है।
उन्होंने साफ किया कि इंटरनेट पर चल रही शादी से जुड़ी जानकारी और वीडियो पूरी तरह फेक हैं। जेमी के मुताबिक, इस फर्जी खबर का असर उनकी निजी जिंदगी पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन वास्तविक रिश्तों को लेकर बातचीत चल रही थी, उन पर भी इस तरह की अफवाहों का असर पड़ रहा है।
यशवर्धन को बताया छोटे भाई जैसा
जेमी लीवर ने वायरल खबरों में बताए गए शख्स का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति के साथ उनकी शादी की फर्जी खबर फैलाई जा रही है, वह उनके लिए छोटे भाई जैसा है।
उन्होंने यह भी बताया कि वह उस शख्स के साथ एक फिल्म पर काम कर रही हैं। ऐसे में दोनों के बीच किसी शादी या रिश्ते की खबर पूरी तरह गलत है।
जेमी ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर इस तरह के फर्जी और AI-generated वीडियो बनाकर शेयर न किए जाएं। उनका कहना है कि शुरुआत में यह सब मजेदार लगा, लेकिन बाद में जब इसका असर उनकी निजी जिंदगी पर पड़ने लगा तो यह उनके लिए परेशानी बन गया।
AI वीडियो से बढ़ रही फर्जी खबरों की चुनौती
जेमी लीवर से जुड़ा यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि AI तकनीक का इस्तेमाल करके किसी भी सेलिब्रिटी की तस्वीरों और वीडियो को बदलकर भ्रामक कंटेंट तैयार किया जा सकता है। ऐसे वीडियो देखने वाले लोगों के लिए यह पहचानना मुश्किल हो सकता है कि वीडियो असली है या AI से बनाया गया है।



