पदमपुर रोड स्थित बिश्नोई मंदिर में अखिल भारतीय बिश्नोई युवा संगठन के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्री जाम्भाणी हरि कथा में श्रद्धालुओं की आस्था निरंतर बढ़ती जा रही है। कथा के तीसरे दिन बुधवार को मन्दिर का वातावरण पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा से सराबोर नजर आया।
जैसलमेर से पधारे कथा व्यास आचार्य स्वामी रामाचार्य महाराज प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक श्री जाम्भोजी के चरित्र, 120 शबदवाणी, जाम्भाणी संतों की साखियां एवं बिश्नोई समाज के 29 नियमों का सरल और प्रेरणादायक वर्णन कर रहे हैं।
कथा के तीसरे दिन उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि शबदवाणी ही जीवन को सही दिशा देने वाली सच्ची मार्गदर्शक है, जो मनुष्य को उच्च आदर्शों और श्रेष्ठ आचरण की ओर प्रेरित करती है। उन्होंने मानव जन्म की महत्ता बताते हुए कहा कि यह दुर्लभ अवसर केवल पुण्य और सत्कर्मों के लिए मिला है।
आचार्य ने समझाया कि मनुष्य को अपने विचार, वाणी और कर्म सदैव शुद्ध रखने चाहिए, क्योंकि यही उसे ऊंचाई प्रदान करते हैं। पशु योनि और मानव जीवन के अंतर को स्पष्ट करते हुए उन्होंने धर्म, संयम और सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कथा के दौरान बिश्नोई मन्दिर के प्रधान शिव सहारण, हरिओम गोदारा, शिव कड़वासरा, इंद्रजीत रोझ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। युवा संगठन के अखिलेश गोदारा, शिवदत्त खीचड़, अशोक पूनियां, श्यामसुंदर गोदारा, कृष्ण भादू, एडवोकेट विक्रम सिहाग, मुकेश खीचड़, श्यामसुंदर बिश्नोई, अनिल खीचड़, राजेन्द्र गोदारा, देवीलाल मंडा, राजेन्द्र धारणिया व राजेन्द्र सहारण सहित अनेक प्रबुद्धजन भी मौजूद रहे।
45 किलोमीटर दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु
कथा संयोजक सुनील सहारण ने बताया कि कथा में रोजाना सादुलशहर, हाकमाबाद, दुलपुरा सहित लगभग 45 किलोमीटर दूर गांवों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आयोजकों द्वारा उनके लिए निःशुल्क बस सेवा की व्यवस्था भी की गई है। आयोजन में प्रतिदिन 100 से अधिक सेवादार हवन, लंगर, प्रसाद वितरण एवं अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों की भागीदारी
अखिल भारतीय बिश्नोई युवा संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अतुल मांझू ने बताया कि बुधवार को श्रीगंगानगर विधायक जयदीप बिहाणी ने कथा में पहुंचकर श्रद्धा प्रकट की और अखंड ज्योति के दर्शन किए। उन्होंने कथावाचक आचार्य स्वामी रामाचार्य का माल्यार्पण कर सम्मान भी किया।




