भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद भारत ने मामले को गंभीरता से उठाया है।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री से स्पष्ट रूप से कहा है कि कॉमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने वाली ऐसी घातक कार्रवाई किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराई जा सकती। उन्होंने इस घटना पर भारत की गहरी चिंता भी व्यक्त की।
जानकारी के अनुसार इस सप्ताह ओमान तट के पास भारतीय क्रू मेंबर वाले तीन जहाज हमलों का शिकार हुए थे। इनमें से एक हमले में 10 जून को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत सरकार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने मृतक भारतीय नाविकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घटना की विस्तृत जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में वाणिज्यिक जहाजों पर किसी भी प्रकार का हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और सुरक्षा मानकों के लिए गंभीर चुनौती माना जाता है।
भारत लगातार अपने नागरिकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कहता रहा है। सरकार इस पूरे मामले पर करीबी नजर बनाए हुए है और अमेरिका से विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा कर रही है।
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