जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में दर्दनाक हादसा
राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर के हमले में एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद पार्क परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार महिला अन्य महिलाओं के साथ पार्क के एक बाड़े में घास काटने का काम कर रही थी। इसी दौरान टाइगर ने महिला पर हमला कर दिया। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद अन्य महिलाओं में अफरा-तफरी मच गई और वे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागीं।
मृतक महिला की पहचान सुगना देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। टाइगर को नियंत्रित करने के बाद महिला के शव को बाहर निकाला गया।
घास काटने के लिए बाड़े में गई थी महिला
बताया जा रहा है कि घटना नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एक टाइगर एनक्लोजर में हुई। वहां कई महिलाएं घास काटने का काम कर रही थीं। इसी दौरान टाइगर के बाड़े में पहुंचने से हालात अचानक बिगड़ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टाइगर ने महिला पर हमला कर दिया। वहां मौजूद दूसरी महिलाएं खुद को बचाने के लिए भागीं। कुछ महिलाओं ने बाड़ और आसपास के पेड़ों का सहारा लेकर अपनी जान बचाई।
घटना ने बायोलॉजिकल पार्क में काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर टाइगर के बाड़े में काम करने के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और घटना कैसे हुई, अब इन सवालों की जांच की जा रही है।
साथियों ने लगाया गेट खोलने का आरोप
घटना के बाद महिला के साथ काम कर रहे लोगों और स्थानीय लोगों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनका दावा है कि किसी की लापरवाही या जानबूझकर पिंजरे का गेट खोले जाने के कारण यह हादसा हुआ।
हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। वन विभाग की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू को देखा जाएगा और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी पार्क की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए हैं।
टाइगर शिवाजी ने किया हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्क में मौजूद टाइगर शिवाजी ने महिला पर हमला किया। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टाइगर को नियंत्रित किया गया।
इस दौरान पार्क के अंदर मौजूद अन्य महिलाओं को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद कुछ समय तक पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल रहा।
वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े कर्मचारियों व प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई जा रही है।
महिला के परिवार के सामने आर्थिक संकट
मृतक महिला के परिवार के लिए यह घटना बड़ा सदमा बनकर सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार महिला परिवार की मुख्य कमाने वाली सदस्य थी। घटना के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
वन विभाग के अधिकारियों, पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों की ओर से मामले में उचित कार्रवाई और सरकार से आर्थिक सहायता की मांग भेजने का आश्वासन दिया गया है।
महिला के बच्चों को संविदा के आधार पर रोजगार देने की संभावना पर भी विचार किए जाने की बात सामने आई है।
CCTV फुटेज की जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने पार्क में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच करने की मांग उठाई है।



